
Bihar Hospital Fire: दिल्ली होटल हादसे के बाद अब मुजफ्फरपुर के अस्पताल में भीषण आग, ICU में भरा धुआं, 3 मरीजों की मौत
दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल में लगी भीषण आग के बाद अब बिहार के मुजफ्फरपुर से एक और दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। मुजफ्फरपुर के ब्रह्मपुरा इलाके में स्थित प्रसाद हॉस्पिटल में तड़के सुबह भीषण आग लग गई, जिससे पूरे अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे में अब तक 3 मरीजों की मौत हो चुकी है, जबकि 20 से ज्यादा मरीज घायल बताए जा रहे हैं। कई घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है।
जानकारी के अनुसार, आग अस्पताल की पांचवीं मंजिल पर स्थित ICU वार्ड में लगी थी। आग लगने के बाद कुछ ही देर में जहरीला और घना धुआं पूरे अस्पताल में फैल गया। ICU समेत कई वार्ड धुएं से भर गए, जिससे मरीजों और उनके परिजनों में चीख-पुकार मच गई। अस्पताल के अंदर मौजूद लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आए।
प्रारंभिक जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है। हालांकि प्रशासन और दमकल विभाग पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रहे हैं। हादसे की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की करीब एक दर्जन गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
फायर ब्रिगेड की टीम ने भारी मशक्कत के बाद अस्पताल के अंदर फंसे मरीजों को बाहर निकाला। दमकल कर्मियों को कई जगह खिड़कियां और दरवाजे तोड़कर ICU और अन्य वार्डों में पहुंचना पड़ा। इसके बाद मरीजों को सुरक्षित बाहर निकालकर दूसरे अस्पतालों में शिफ्ट किया गया।
अग्निशमन पदाधिकारी आर.एन. पांडेय ने बताया कि सुबह करीब 3 बजे आग लगने की सूचना मिली थी। जब टीम मौके पर पहुंची, तब ICU वार्ड पूरी तरह घने काले धुएं से भरा हुआ था। उन्होंने बताया कि समय रहते कार्रवाई करते हुए 20 से ज्यादा मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, लेकिन कुछ मरीजों की जान नहीं बचाई जा सकी।
इस हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। मौके पर मौजूद मरीजों के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही और संवेदनहीनता के आरोप लगाए। एक पीड़ित परिजन ने बताया कि उनके पिता ICU में भर्ती थे और आग लगने के दौरान धुएं में फंसने से उनकी मौत हो गई।
घटना के बाद प्रशासन ने अस्पताल परिसर को खाली करवा दिया है और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा ले रहे हैं। वहीं इस हादसे ने एक बार फिर अस्पतालों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।






