
Kolkata ED Raid: दूसरे चरण की वोटिंग से पहले राशन घोटाले में ईडी का बड़ा एक्शन, 9 ठिकानों पर छापेमारी
पश्चिम बंगाल में दूसरे चरण के मतदान से ठीक पहले कोलकाता में बड़ी कार्रवाई करते हुए Enforcement Directorate (ED) ने राशन घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में कई जगहों पर छापेमारी की है। 25 अप्रैल को शुरू हुई इस कार्रवाई के तहत कोलकाता समेत विभिन्न इलाकों में कुल 9 ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है, जिससे सियासी हलकों में हलचल तेज हो गई है।
अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) से जुड़े कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में की जा रही है। ईडी की टीम ने Kolkata, बर्दवान और हाबरा में आपूर्तिकर्ताओं और निर्यातकों से जुड़े परिसरों पर छापे मारे हैं। यह छापेमारी मुख्य रूप से निरंजन चंद्र साहा और अन्य संबंधित लोगों के ठिकानों पर की जा रही है, जिन पर अनियमितताओं और अवैध वित्तीय लेनदेन में शामिल होने का संदेह है।
जांच एजेंसी कथित मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए राशन घोटाले से जुड़े पैसों के लेनदेन की गहराई से पड़ताल कर रही है। इससे पहले इसी मामले में Nusrat Jahan को भी समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। वह हाल ही में कोलकाता स्थित ईडी कार्यालय में पेश हुई थीं, जहां उनसे मामले को लेकर सवाल-जवाब किए गए।
बताया जा रहा है कि यह पूरा मामला कोविड-19 लॉकडाउन के दौरान सामने आया था, जब बशीरहाट और सीमावर्ती इलाकों में राशन की कालाबाजारी और तस्करी के आरोप लगे थे। जांच में खुलासा हुआ कि लाभार्थियों के लिए निर्धारित गेहूं और चावल को अवैध तरीके से बाजार में बेचा जा रहा था।
एजेंसियों के अनुसार, आरोपियों ने एक संगठित नेटवर्क के जरिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत मिलने वाले अनाज को आपूर्ति श्रृंखला से हटाकर अवैध रूप से जमा किया। इसके बाद पहचान छिपाने के लिए Food Corporation of India (FCI) और राज्य सरकार के निशान वाले बोरे हटाकर या उल्टा कर दिए जाते थे, ताकि अनाज को ‘वैध स्टॉक’ के रूप में बाजार में बेचा या निर्यात किया जा सके।
फिलहाल ईडी की टीमें लगातार छापेमारी कर दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को खंगाल रही हैं। इस कार्रवाई को दूसरे चरण के मतदान से पहले एक अहम कदम माना जा रहा है, जिससे राज्य की राजनीति में और गर्मी आने की संभावना है।






