
Donald Trump Controversy: ट्रंप के भारत को ‘नरक’ बताने वाले पोस्ट पर बवाल, ईरान ने कड़ी प्रतिक्रिया दी
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर अपने एक विवादित सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर चर्चा में आ गए हैं। इस बार विवाद भारत को लेकर की गई टिप्पणी पर खड़ा हुआ है, जिसमें भारत को ‘नरक’ बताया गया। इस पोस्ट के सामने आते ही अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली हैं, वहीं भारत सरकार और ईरान ने भी इस पर कड़ी आपत्ति जताई है।
इस मामले पर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ट्रंप के बयान को अज्ञानतापूर्ण, अनुचित और खराब सोच को दर्शाने वाला बताया है। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की टिप्पणियां न केवल असंवेदनशील हैं, बल्कि दो देशों के संबंधों पर भी नकारात्मक प्रभाव डाल सकती हैं।
वहीं, मुंबई स्थित ईरान के हाई कमीशन ने भी इस मुद्दे पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो साझा करते हुए ट्रंप की टिप्पणी की कड़ी निंदा की। पोस्ट में व्यंग्यात्मक लहजे में लिखा गया कि शायद किसी को मिस्टर ट्रंप के लिए एक “वन-वे कल्चरल डिटॉक्स” बुक करना चाहिए, जिससे उनकी बेतुकी बयानबाजी कम हो सके। साथ ही उन्हें सलाह दी गई कि वे पहले भारत आकर यहां की संस्कृति और विविधता को देखें, उसके बाद कोई टिप्पणी करें।
दरअसल, यह विवादित बयान मूल रूप से रूढ़िवादी लेखक और रेडियो होस्ट माइकल सैवेज का था, जिसे डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट से शेयर कर दिया। माइकल सैवेज के बयान में कहा गया था कि अमेरिका में जन्म लेने वाला बच्चा तुरंत नागरिक बन जाता है और फिर उसका परिवार चीन, भारत या दुनिया के अन्य “नरक” जैसे देशों से आकर बस जाता है। उन्होंने यह भी दावा किया कि अब अमेरिका में अंग्रेजी भाषा का प्रभाव कम हो रहा है और इसके पीछे प्रवासियों की बड़ी भूमिका है।
सैवेज ने अपने बयान में यह भी कहा कि प्रवासियों के कारण अमेरिका के नागरिकों को नौकरियां पाने में कठिनाई हो रही है और उनके अनुसार प्रवासी स्थानीय लोगों के रोजगार छीन रहे हैं। हालांकि, इस तरह के दावों को लेकर लंबे समय से बहस चलती रही है और कई विशेषज्ञ इन्हें तथ्यों से परे मानते हैं।
ट्रंप द्वारा इस बयान को साझा करने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने इसे अपमानजनक और गैर-जिम्मेदाराना करार दिया है। वहीं, कई यूजर्स ने भारत की सांस्कृतिक विरासत, विविधता और वैश्विक योगदान का हवाला देते हुए इस टिप्पणी की आलोचना की है।
फिलहाल, यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बना हुआ है और कूटनीतिक दृष्टि से भी इसे संवेदनशील माना जा रहा है।


