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NIA Court Verdict: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 7 आतंकियों को सजा, जेल से चल रही थी कट्टरपंथी साजिश

NIA Court Verdict: लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े 7 आतंकियों को सजा, जेल से चल रही थी कट्टरपंथी साजिश

आतंकवाद के खिलाफ बड़ी कार्रवाई में राष्ट्रीय जांच एजेंसी की स्पेशल कोर्ट ने बेंगलुरु जेल से चल रही खतरनाक साजिश के मामले में सात आरोपियों को दोषी करार देते हुए सख्त सजा सुनाई है। कोर्ट ने इस मामले के मास्टरमाइंड टी. नसीर समेत सभी दोषियों को 7 साल की सख्त कैद और 48 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है।

इस मामले में टी. नसीर के अलावा सैयद सुहैल खान, मोहम्मद उमर, जाहिद तबरेज़, सैयद मुदस्सिर पाशा, मोहम्मद फैसल रब्बानी और सलमान खान को भी दोषी ठहराया गया है। जांच में सामने आया कि ये सभी आरोपी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए थे और जेल के अंदर रहकर एक बड़ी साजिश को अंजाम देने की तैयारी कर रहे थे।

एनआईए की जांच के मुताबिक, यह पूरा नेटवर्क बेंगलुरु की पराप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल के भीतर संचालित हो रहा था। आरोपी जेल में बंद अन्य युवाओं को निशाना बनाकर उन्हें कट्टरपंथ की ओर धकेलने, भर्ती करने और आतंकी गतिविधियों के लिए तैयार करने की साजिश रच रहे थे। यह पूरी योजना बेहद संगठित तरीके से तैयार की गई थी, जिसका उद्देश्य देश में आतंकी हमलों को अंजाम देना था।

जांच एजेंसियों ने खुलासा किया कि आरोपी बेंगलुरु शहर में बड़े आतंकी हमलों की योजना बना रहे थे, जिसमें सीरियल ब्लास्ट भी शामिल था। वे प्रतिबंधित संगठन के एंटी-इंडिया एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए युवाओं को ट्रेनिंग दे रहे थे। इस साजिश का पहला खुलासा जुलाई 2023 में हुआ था, जब बेंगलुरु सेंट्रल क्राइम ब्रांच ने कुछ संदिग्धों के पास से हथियार, गोला-बारूद और डिजिटल डिवाइस बरामद किए थे। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एनआईए को सौंप दी गई।

एनआईए की जांच में एक और सनसनीखेज साजिश सामने आई, जिसमें टी. नसीर को जेल से कोर्ट ले जाते समय फरार कराने की योजना बनाई गई थी। गौरतलब है कि नसीर पहले से ही 2008 बेंगलुरु सीरियल ब्लास्ट मामले में आरोपी रहा है। इस केस में एनआईए ने कुल 11 आरोपियों और एक फरार आरोपी जुनैद अहमद के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।

जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सलमान खान को रवांडा से प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया था, जो इस पूरे नेटवर्क का अहम हिस्सा था। फिलहाल फरार आरोपी जुनैद अहमद की तलाश जारी है और एजेंसियां उसे पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी कर रही हैं।

इस फैसले के बाद यह स्पष्ट संदेश गया है कि देश की सुरक्षा के खिलाफ किसी भी साजिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। एनआईए और सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित कनेक्शनों की भी गहन जांच कर रही हैं, ताकि भविष्य में किसी भी तरह के आतंकी खतरे को समय रहते रोका जा सके।

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